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शनिवार, 4 अप्रैल 2020

ग़ज़ल :- कोरोना से बचकर रहना , कैसी शामत आई है - बृजमोहन श्रीवास्तव "साथी"

22- 22- 22- 22 -22 -22 -22 -2

कोरोना से बचकर रहना , कैसी शामत आई है ।
बचने का आसान तरीका , केवल साफ सफाई है ।।

मास्क बिना घर से मत निकलो , सेनेटाइजर साथ रखो । 
लोगो को भी जागृत करना , सबसे बड़ी भलाई है ।। 

खाँसी सर्दी से बचना है , गरम गरम पानी पीना ।
नही बुखार करो अनदेखा , लेना तुरत दवाई है ।।

इटली चीन ईरान दुखी है , अमरीका इजरायल भी ।
सारा विश्व आज दशहत में , मिलकर करे दुहाई है ।।

लापरवाही मत कर देना , इटली जैसी मत यारो ।
क्या लेगी कोरोना ये , मानी अब सच्चाई है ।।

कोरोना से जंग जीतना , जिम्मेदारी हम सबकी ।
माँस नही सेवन करना है , सबसे बड़ी बुराई है ।।

हाथ जोड़कर करो नमस्ते , हाथ मिलाना मत *साथी* ।
सुगम संस्कृति भारत की ये , जन जन को सुखदाई है ।।

🌻🌻🌻🌻🌻584🌻🌻
कवि बृजमोहन श्रीवास्तव "साथी"डबरा
मो. 9981013061

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