वीरेन्द्र कुमार
3:09 am
Jaagte rahiye
मान्यवर मित्रों ,लो क्ल लो बात ....चैंन की नींद सोना है तो जागते रहिये .....कौन कहता है कि मौत नहीं बिकती ......मौत के तो बड़े बड़े सौदे होते हैं और वो भी स्टेंप पेपर पर ...ज़िन्दगी का ड़र दिखा कर बीमें वाले बेहिसाब कमा रहें हैं ...क्योंकि आजकल ज़िन्दगी ही हारती हैं इसी लिए मौत बिकती हैं ......यह बता कर कि ज़िन्दगी रहते किशत भरो ...कुछ अनहोनी होने पर भरी हुई किशत नहीं आपितु पूर्ण बीमा राशि का भुगतान होगा ....क्योंकि चैन की नींद सोना है तो जागते रहिये ....आपका अपना ,वीरेन्द्र कौशल






























