दाती पर चढी साढे साती
पाप का कलश फूटा
गुस्से में दिखाते दाँत
महाराज गजलों पे
चूर नाचने लगे
दिल्ली में जमाये पैर
झाडियों के खट्टे बेर
भक्त सभी बाबा जी का
नूर बाँटने लगे
न्याय के भी देव को भी
गच्चा दे रहे थे दाती
भारत की मीडिया से
दूर भागने लगे
शनि का सवैया चढा
चढ गयी साढ़े साती
धनाधिप आज देखो
धूर चाटने लगे
राजेश मिश्र प्रयास






